2026 शुक्र ग्रह का तुला राशि में गोचर और उसका प्रभाव | चित्रा, स्वाति, विशाखा नक्षत्र अनुसार | सभी राशि के लग्न के लिए
2 सितंबर 2026, बुधवार के दिन, दोपहर 1:50 के आसपास शुक्र ग्रह कन्या राशि से तुला राशि में प्रवेश करने वाला है और यह जो गोचर होगा, दुनिया भर में जितने भी लोग हैं, उनको अलग-अलग रूप में प्रभावित करेगा। गोचर अपने आप में कोई भी फल नहीं देते हैं, बल्कि किसी भी गोचर को फलित होने में उसे जातक की दशा और कुंडली में लिखे हुए भाग्य से मेल खाना जरूरी है। उदाहरण के लिए, अगर गोचर जातक के लिए यह दर्शा रहा है कि जातक एक नई गाड़ी खरीदने वाला है, तो यह तभी होगा जब जातक की कुंडली में और कुंडली के अनुसार जो दशा चल रही है, वह दोनों भी गाड़ी की खरीदी को दर्शाते हैं। इस दुनिया में 800 करोड़ लोग हैं, जिन्हें 12 राशियों के अनुसार अगर बांटा जाए, तो हर एक राशि में 60 करोड़ से ज्यादा लोग आते हैं। उन सभी के लिए व्यक्तिगत रूप से कुंडली देखकर भाग्यफल बताना संभव नहीं है, इसलिए इस तरह से गोचर के आधार पर सामान्यीकृत और व्यापक भविष्यवाणी ही लिखी जाती है और यह व्यक्तिगत या व्यक्ति विशेष के लिए उनकी कुंडली देखकर लिखी गई भविष्यवाणी जितनी सटीक नहीं होती।
इस आर्टिकल में मैं आपको हर एक लग्न के लिए यह बताने वाला हूं कि वह कौन-सी मुमकिन घटनाएं हैं, जो इस शुक्र ग्रह के तुला राशि में गोचर करने की वजह से आपके साथ घटने की सबसे ज्यादा संभावनाएं रखती हैं।
शुक्र तुला राशि से गुजरेगा, जिसका स्वामी शुक्र खुद है और इस राशि के अंदर तीन नक्षत्र से गुजरेगा, जिनमें से पहले नक्षत्र “चित्रा” का स्वामी मंगल है, दूसरे नक्षत्र “स्वाति” का स्वामी राहु है और तीसरे नक्षत्र “विशाखा” का स्वामी गुरु है, इसलिए मैं हर लग्न के लिए इस शुक्र ग्रह के तुला राशि में गोचर की तीन मुमकिन संभावनाएं बताऊंगा (हर एक नक्षत्र के लिए एक)। आर्टिकल पढ़ने से पहले नीचे जो छोटा सा टेबल दिया है उसकी जानकारी को याद कर लीजिए।
| लग्न | मंगल के स्वामित्व वाले भाव | शुक्र के स्वामित्व वाले भाव | गुरु के स्वामित्व वाले भाव |
|---|---|---|---|
| मेष | प्रथम एवं अष्टम भाव | द्वितीय एवं सप्तम भाव | नवम एवं द्वादश भाव |
| वृषभ | सप्तम एवं द्वादश भाव | प्रथम एवं षष्ठ भाव | अष्टम एवं एकादश भाव |
| मिथुन | षष्ठ एवं एकादश भाव | पंचम एवं द्वादश भाव | सप्तम एवं दशम भाव |
| कर्क | पंचम एवं दशम भाव | चतुर्थ एवं एकादश भाव | षष्ठ एवं नवम भाव |
| सिंह | चतुर्थ एवं नवम भाव | तृतीय एवं दशम भाव | पंचम एवं अष्टम भाव |
| कन्या | तृतीय एवं अष्टम भाव | द्वितीय एवं नवम भाव | चतुर्थ एवं सप्तम भाव |
| तुला | द्वितीय एवं सप्तम भाव | प्रथम एवं अष्टम भाव | तृतीय एवं षष्ठ भाव |
| वृश्चिक | प्रथम एवं षष्ठ भाव | सप्तम एवं द्वादश भाव | द्वितीय एवं पंचम भाव |
| धनु | पंचम एवं द्वादश भाव | षष्ठ एवं एकादश भाव | प्रथम एवं चतुर्थ भाव |
| मकर | चतुर्थ एवं एकादश भाव | पंचम एवं दशम भाव | तृतीय एवं द्वादश भाव |
| कुंभ | तृतीय एवं दशम भाव | चतुर्थ एवं नवम भाव | द्वितीय एवं एकादश भाव |
| मीन | द्वितीय एवं नवम भाव | तृतीय एवं अष्टम भाव | प्रथम एवं दशम भाव |
राहु जितने ग्रह से संबंध बनाता है चाहे वह दृष्टि के माध्यम से हो, जिस राशि में बैठा हो उस माध्यम से हो या जिस ग्रह के साथ बैठा हो उसे माध्यम से हो, वह सारे ग्रह जिन भावों के फल देते हैं राहु भी उन सभी भावों का फल देता है.
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और मेष लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
जब शुक्र तुला राशि के अंदर मंगल ग्रह के नक्षत्र से गुजर रहा होगा, तब जातक को व्यापार में नुकसान या चोरी हो सकती है, शादी की संभावना या विपरीत लिंग के उस व्यक्ति से मिलन हो सकता है, जिससे आप कई समय से मिलना चाहते थे, फ्रस्ट्रेशन की फीलिंग आ सकती है और इस वजह से किसी से झगड़ा भी हो सकता है।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि के अंदर राहु के नक्षत्र से गुजर रहा होगा, तब जातक के गुप्त अंगों में कोई इंफेक्शन, रिश्तों में दरार आना या व्यापार में कोई गलत डिसीजन ले लेना जैसी चीज हो सकती है। जातक जिन साधनों का इस्तेमाल करता है, उनमें से कई साधनों में खराबी भी आ सकती है।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि के अंदर गुरु के नक्षत्र से गुजर रहा होगा, तब परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाना और उस यात्रा में पहले से बनाई गई योजना का चेंज होना। व्यापार में कोई बड़ा बदलाव करने का फैसला लेना। यह फैसला व्यापार में किसी नुकसान की वजह से भी ले सकते हैं या अपने व्यापार की पहुंच विदेश में फैलने के लिए भी कर सकते हैं।
मेष लग्न के जातकों के लिए यह गोचर बहुत सारे लोगों से, मुख्य रूप से परिवार के लोगों से, मिलने का अच्छा अवसर लेकर आएगा।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और वृषभ लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
जब शुक्र तुला राशि के अंदर मंगल ग्रह के नक्षत्र से गुजर रहा होगा, तब जातक घर से दूर रह सकता है, अगर शादीशुदा रिश्ते में कोई बड़ी दिक्कत है, तो बात डिवोर्स तक पहुंच सकती है। व्यापार में भी नुकसान होगा। संभावना है कि आपकी तबीयत में भी खराबी आ सकती है और आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है, क्योंकि मंगल 12वीं भाव का स्वामी है, जबकि शुक्र छठवें भाव का। स्वास्थ्य की जगह यह मामला कोर्ट-कचहरी का भी हो सकता है।
जब शुक्र तुला राशि के अंदर राहु ग्रह के नक्षत्र से गुजरेगा, तब आप अभी जो नौकरी कर रहे हैं, उसमें आपको मुश्किल देखने को मिल सकती है। स्वास्थ्य भी कुछ ठीक नहीं रहेगा।
जब शुक्र तुला राशि के अंदर गुरु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब नई नौकरी मिलने की संभावनाएं बन सकती हैं, खराब स्वास्थ्य थोड़ा बेहतर हो सकता है, कोई ऐसा लाभ हो सकता है, जिसके लिए मेहनत नहीं करनी पड़ती, बल्कि वह किस्मत से मिलता है, जैसे कि किसी लिस्ट में नाम आना या किसी रिश्तेदार के द्वारा गिफ्ट मिलना, पैसे मिलना। अगर किसी प्रतिस्पर्धा में भाग ले रहे हो, तो जीत की संभावनाएं रहेंगी।
यह गोचर वृषभ लग्न वालों के लिए मुख्य रूप से स्वास्थ्य के बारे में होगा।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और मिथुन लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
जब शुक्र ग्रह तुला राशि के अंदर मंगल के नक्षत्र से गुजरेगा, तब आपको स्टॉक मार्केट से लाभ हो सकता है, विशेष रूप से अगर आप किसी मल्टीनेशनल या विदेशी कंपनी में निवेश करते हैं या फॉरेक्स मार्केट में ट्रेड करते हैं। प्रेम संबंधों की बात की जाए, तो नए संबंध शुरू होने के लिए अच्छा समय है और अगर ऑलरेडी आप एक प्रेम संबंध में हैं, तो थोड़ा झगड़ा होगा, लेकिन रिश्ता टूटेगा नहीं, बल्कि निवारण हो जाएगा। अगर आप संतान प्राप्ति की अपेक्षा कर रहे हैं, तो यह गोचर उसके लिए भी अच्छा है।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि के अंदर राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब आपका जो इंटेलिजेंस है या जो विवेक है, वह प्रभावित होगा, जिसके चक्कर में आप गलत डिसीजन ले सकते हो। जैसे कि गलत व्यक्ति के साथ शय्या सुख की प्राप्ति करना या स्टॉक मार्केट में ट्रेड करते समय गलत स्टॉक ले लेना। मुख्य रूप से, लेकिन आपको देखने को मिलेगा कि मंगल के नक्षत्र में प्रेम प्रसंग से जुड़ी कोई घटना घटेगी, जबकि राहु के नक्षत्र से गोचर के समय जुआ, सट्टा या स्टॉक मार्केट जैसी चीजों से जुड़ी घटना घटेगी और गुरु के नक्षत्र से गुजरते समय बच्चे से जुड़ी घटना घट सकती है।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि के अंदर गुरु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब कोई सेलिब्रेशन करना, या एंजॉय करने वाले या एजुकेशन से संबंधित किसी यात्रा में जाना हो सकता है, न कि कोई धार्मिक यात्रा या काम से जुड़ी यात्रा। इस समय आपका व्यापार भी थोड़ा बेहतर चलेगा। आप इन्वेस्टमेंट के बारे में भी सोचेंगे।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और कर्क लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
जब शुक्र ग्रह का गोचर मंगल के नक्षत्र में होगा, तब जातक कोई नई प्रॉपर्टी, साधन या गाड़ी ले सकता है। साथ ही साथ जातक एक नए प्रेम संबंध में पड़ सकता है, इसके बारे में उसके करीबी लोगों को भी न पता रहे। जातक को स्टॉक मार्केट और सट्टे से फायदा मिल सकता है। यह समय जातक के लिए बहुत ही अच्छा, आरामदायक और आनंदपूर्वक रहेगा।
शुक्र जब तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गोचर करेगा, तब जातक ज्यादा ही आलसी हो सकता है, जो चीज वह खरीदना चाहता है, उसमें उसको खरीदने के समय मुश्किलें आ सकती हैं, जैसे कि पैसों की कमी ना होना या अगर लोन और इंस्टॉलमेंट में खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, तो उसमें मुश्किलें आना। जातक यह समय अपने घर में ही बिताएगा।
शुक्र जब तुला राशि में गुरु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब अगर आप स्कूल या कॉलेज में पढ़ते हैं या किसी प्रकार की परीक्षा की तैयारी करते हैं, तो उस समय आप एक परीक्षा दे सकते हैं। यह मुख्य परीक्षा भी हो सकती है या कोई मॉक टेस्ट भी हो सकता है, जिसमें आपके अंक भी अच्छे आएंगे। अगर आप ऐसे किसी परीक्षा की तैयारी नहीं कर रहे हैं, तो आप कोई पुस्तक पढ़ सकते हैं या जिस चीज में रुचि है, उसके बारे में सीख सकते हैं। इस समय आपकी नई नौकरी लग सकती है या अगर आप नया घर ले रहे हैं, चाहे किराए पर या चाहे खुद का, वहां शिफ्ट हो सकते हैं।
यह गोचर आपके लिए अच्छा रहेगा और इस समय आप सुख-साधनों पर खर्च करेंगे।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और सिंह लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
शुक्र ग्रह जब तुला राशि में मंगल के नक्षत्र से गुजरेगा, तब आप कोई छोटी धार्मिक यात्रा या एजुकेशन से संबंधित यात्रा कर सकते हैं। इस समय आप कोई डॉक्यूमेंटेशन से रिलेटेड काम करेंगे, जैसे कोई फॉर्म भरना या कोई असाइनमेंट जमा करना इत्यादि। अगर आप कोई इंटरव्यू क्लियर करने का सोच रहे थे, तो उसके लिए भी एक अच्छा समय है और साथ में ही अगर आप किसी व्यक्ति से बात करने का सोच रहे थे और अभी तक संकोच कर रहे थे, तो यह अच्छा समय है उससे सफलतापूर्वक बात करने का। घर बदलने का, अगर आप कोई सामान बेचना चाह रहे थे, तो उसे बेचने का, तथा पढ़ाई के लिए भी यह अच्छा समय है।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब आप शायद वह चीज ना खरीद पाए, जिसे खरीदने की अपने योजना बना रखी थी। गलती से किसी को गलत जानकारी प्रदान करना या गलत जानकारी हासिल करना जैसी घटनाएं हो सकती हैं। कोई डॉक्यूमेंटेशन या पेपर वर्क करते समय मुश्किल आ सकती है।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि में गुरु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब अचानक आप कोई स्टॉक या सामान बेच सकते हैं, जिसे बेचने के बाद शायद आपको लगे कि अगर बाद में बेचता, तो ज्यादा लाभ होता। प्रेम संबंधों के लिए यह समय अच्छा रहेगा। आप सोशल मीडिया या क्रिएटिविटी जैसे कि डांसिंग या सिंगिंग से जुड़ा कोई काम करने के बारे में भी सोच सकते हैं।
यह गोचर आपके लिए सामान्य रहेगा, ना ज्यादा बुरा, ना ज्यादा अच्छा।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और कन्या लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
जब शुक्र ग्रह तुला राशि के अंदर मंगल के नक्षत्र से गुजरेगा, तब आप अपने परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा में जा सकते हैं, जहां आपको पैसों का नुकसान भी हो सकता है, यात्रा के दौरान डॉक्यूमेंटेशन में दिक्कत आना या गलत जानकारी का मिलना हो सकता है। लेकिन अगर इस गोचर के समय आप अपने कजन भाई-बहनों या सगे छोटे भाई-बहन से मिल सकते हैं, तो वहां आपको पैसों की प्राप्ति हो सकती है। अगर आप जॉब करते हैं, तो हो सकता है कि ट्रांसफर होकर आप नई जगह जॉइन करें, नया जॉब रोल हो और यह ट्रांसफर किसी पेनल्टी की वजह से हो सकता है।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि के अंदर राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब अगर आप एक पढ़ाई-लिखाई करने वाले व्यक्ति हैं, तो आपके जीवन में एक नया शिक्षक आ सकता है और अगर नहीं है, तो आपके जीवन में कोई एक mentor या फादर फिगर आ सकता है, जो आपको सही दिशा दिखाने का काम करता है। इस समय पर आप उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, जो आपको थोड़े लंबे समय तक याद रहेगी। घर-परिवार में कोई पूजा-पाठ का काम हो सकता है।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि के अंदर बृहस्पति के नक्षत्र से गुजरेगा, तब यह समय आपकी पढ़ाई के लिए अच्छा होगा, आपके व्यापार के लिए भी अच्छा होगा, व्यापार और पढ़ाई के संबंध में आप यात्रा भी कर सकते हो, यह समय शादी के लिए भी अच्छा है।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और तुला लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
शुक्र ग्रह जब तुला राशि के अंदर मंगल ग्रह के नक्षत्र से गुजरेगा, तब जातक को व्यापार में नुकसान, खुद से ना कमाया हुआ पैसा, अपने प्रेमी साथी से शारीरिक सुख, फ्रस्ट्रेशन और झगड़ा, स्वास्थ्य में खराबी, इत्यादि चीजें देखने को मिलेंगी।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि के अंदर राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब स्वास्थ्य में कमी और शारीरिक पीड़ा जैसी समस्याएं देखने को मिलेंगी।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि के अंदर बृहस्पति के नक्षत्र से गुजरेगा, तब शारीरिक समस्या और उसके इलाज में किसी प्रकार की सर्जरी होना या ऐसा इलाज होना, जिसमें औजारों का उपयोग होता है, जैसे कि घाव पर टांका लगाना जैसी चीज हो सकती है। इस दौरान आप नई चीजों की शुरुआत करने में मुश्किलें पाएंगे, पेपर वर्क ना हो पाना या आप तक गलत जानकारी पहुंचना या ऐसी स्थिति बनना, जिसमें आपको झूठ बोलना पड़े, मुमकिन है।
मुख्य रूप से यह गोचर आपके स्वास्थ्य के बारे में होगा।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और वृश्चिक लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
शुक्र ग्रह जब तुला राशि में मंगल के नक्षत्र से गोचर करेगा, तब आपका स्वास्थ्य खराब रहेगा और आप हॉस्पिटल में भर्ती हो सकते हैं। स्वास्थ्य की जगह यह विषय कोर्ट-कचहरी का भी हो सकता है। वैवाहिक रिश्ते के लिए भी यह बहुत ही मुश्किल समय होगा। किसी भी प्रकार की प्रतिस्पर्धा में अगर भाग ले रहे हैं, तो उसमें भी प्रथम स्थान पर आना या जीतना मुश्किल होगा। परिवार से दूर-अलग रह सकते हैं। मारपीट, लड़ाई-झगड़ा होने की संभावना बनी रहेगी।
शुक्र ग्रह जब राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब स्वास्थ्य के लिए बुरा समय होगा।
शुक्र ग्रह जब गुरु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब प्रेम संबंधों में झगड़ा, बच्चों से मिलन, मानसिक थकावट, शेयर मार्केट में लाभ इत्यादि हो सकते हैं।
यह गोचर शुरुआत में आपके लिए अच्छा नहीं है।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और धनु लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
शुक्र ग्रह जब तुला राशि में मंगल के नक्षत्र से गुजरेगा, तब अगर आप किसी से प्रेम करते हैं और उसे बताने का सोच रहे हैं, तो उसके लिए यह एक अच्छा समय है, आपको प्रेम संबंध से जो सुख मिलते हैं, वह मिलने का योग बन रहा है। हो सकता है कि कई लोगों के पुराने प्रेम संबंध खत्म होकर नए प्रेम संबंध शुरू हों। पुराना अगर कोई पेमेंट किसी वजह से रुका हुआ है, तो उसे हासिल करने का भी यह अच्छा समय है। शेयर मार्केट से भी इस समय लाभ हो सकता है।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब भी आपके लिए अच्छा समय रहेगा और इस समय भी आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल होगी या किसी भी प्रकार की प्रतिस्पर्धा में आप अच्छा कार्य कर पाएंगे और अपने प्रतिद्वंद्वियों को हरा पाएंगे। जब आप प्रमोशन या जॉब पाने की कोशिश कर रहे हैं, तब भी यह समय आपके लिए अच्छा है।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि में बृहस्पति के नक्षत्र से गुजरेगा, तब आपको अपने शत्रुओं और प्रतिद्वंद्वियों पर विजय प्राप्त होगी। समय आराम के साथ बीतेगा। स्वस्थ रहेंगे। अगर आप अपना कोई सामान किराए पर देते हैं, तो उस धन की प्राप्ति हो सकती है। आप कोई नया साधन लोन या ईएमआई का इस्तेमाल करते हुए खरीदने के बारे में सोचेंगे। यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा।
यह गोचर आपके लिए सुखद रहेगा।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और मकर लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
शुक्र ग्रह जब तुला राशि के अंदर मंगल के नक्षत्र से गुजरेगा, तब जातक को शेयर मार्केट से लाभ होगा, छुपे हुए प्रेम प्रसंग का आनंद लेने का मौका मिल सकता है, सुख-शांति और आनंद मिलेगा, कोई प्रॉपर्टी, साधन या गाड़ी लेने का सौभाग्य प्राप्त होगा। पढ़ाई-लिखाई के लिए भी समय अच्छा रहेगा। समाज में सम्मान और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि के अंदर राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब सोशल मीडिया, शेयर मार्केट, बच्चों से संबंधित या क्रिएटिविटी से संबंधित कार्य करने का अच्छा मौका मिलेगा। कार्यक्षेत्र में सम्मान और लोगों का यह किस्मत का साथ मिलेगा।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि के अंदर बृहस्पति के नक्षत्र से गुजरेगा, तब सोशल मीडिया या एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नाम बनाने का आपके पास अच्छा मौका है। इस समय आपका सोशल मीडिया पर कंटेंट अच्छा चल सकता है। इस समय आप अपना घर बदल सकते हैं या रीलोकेशन कर सकते हैं। इस समय आप डॉक्यूमेंटेशन रिलेटेड कार्य करेंगे और यात्रा की ओर जब में ट्रांसफर की भी संभावनाएं बनेंगी। करियर में नुकसान, प्रेम संबंध में सुख भी आप इस गोचर में देख पाएंगे।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और कुंभ लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
शुक्र ग्रह जब तुला राशि में मंगल के नक्षत्र से गुजरेगा, पढ़ाई के लिए और पेपर वर्क रिलेटेड कामों के लिए यह समय अच्छा होगा। पढ़ाई से रिलेटेड यात्रा संभव है। अगर आप वर्क फ्रॉम होम या प्रॉपर्टी और गाड़ी से संबंधित कार्य करने का सोच रहे हैं, तो उसके लिए भी यह समय अच्छा है। अगर किसी प्रकार कुंडली का पंचम भाव एक्टिवेट हो जाता है, तो रहने की जगह में बदलाव और अभी जो कार्य कर रहे हैं, उसमें बदलाव, साथ ही साथ किसी चीज को बेचने की कोशिश कर रहे थे, उसका सफल हो जाना संभव है।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब पढ़ाई-लिखाई में अड़चन आ सकती है। माता या पिता के साथ बहस हो सकती है।
शुक्र ग्रह जब तुला राशि में गुरु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब पढ़ाई के लिए यह अति उत्तम समय होगा, जिसमें आपकी परीक्षा में सर्वोत्तम अंक आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति के नजरिए से भी यह समय अच्छा होगा, जिसमें आपको किस्मत का साथ मिलेगा और पैसों का लाभ हो सकता है। अगर आप कोई नया व्यापार शुरू करने की सोच रहे थे या नई नौकरी ढूंढ रहे थे, तो वह मिल पाएगी। जीवन में एक नया शिक्षक या पिता के समान कोई व्यक्ति आएगा। कोई चीज जो आप हासिल करना चाह रहे थे, वह भी आपको मिलेगी।
तुला राशि में शुक्र ग्रह का गोचर और मीन लग्न वाले जातकों पर इसका प्रभाव:
जब शुक्र ग्रह तुला राशि में मंगल के नक्षत्र से गुजरेगा, तब करियर के लिए यह समय अच्छा नहीं है। अगर यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो उसमें आपको इस गोचर का साथ मिलेगा। अगर आप जॉब करते हैं, तो किसी पेनल्टी की वजह से जॉब रोल का चेंज होना, जॉब से रिजाइन होना और उस वजह से रहने की जगह कभी बदलना संभव है।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब आपके सामने ऐसी परिस्थितियां बनेंगी, जिसमें आपको झूठ बोलना पड़ सकता है या फिर लोग आपसे झूठ बोलेंगे और आपको गलत जानकारी मिलेगी। पेपर वर्क में कोई गलती हो जाना या पेपर वर्क करने में मुश्किल आना स्वाभाविक रहेगा।
जब शुक्र ग्रह तुला राशि में गुरु के नक्षत्र से गुजरेगा, तब इस समय आप कार्य के सिलसिले में घर से दूर, परिवार से दूर रह सकते हैं। कार्य के चक्कर में आपको हल्की-सी शारीरिक समस्या या स्वास्थ्य में थोड़ी कमी लग सकती है। लेकिन यह कोई स्वास्थ्य की समस्या नहीं होगी, बस सफल और काम का तनाव होगा। ऑफिस में आपको कोई ऐसा पेपर वर्क करना पड़ सकता है, जिसके लिए इंटरनेट में खोज-बीन करना पड़ेगा, जिसे आप एक तरह से छोटा-सा रिसर्च वर्क कह सकते हैं।
निष्कर्ष
उम्मीद है आपको मेरे गोचर के आधार पर जो भाग्य पर लिखा गया है, उसे लिखने का तरीका समझ में आया होगा और आने वाले समय में आपने जो इस आर्टिकल में पढ़ा है, उसके साथ अपने जीवन को मेल खाता देखेंगे। इन लिखी गई संभावित घटनाओं में वह घटना घटेगी, जो आपकी कुंडली में लिखी है और आपकी दशा जिसकी इजाजत देती है। अगर आप मुझसे व्यक्तिगत रूप से कंसल्टेशन लेना चाहते हैं, तो मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज कीजिए इस नंबर पर - 7828179120।
| लग्न | शुक्र गोचर का परिणाम |
|---|---|
| मेष | अच्छा |
| वृषभ | बुरा |
| मिथुन | सामान्य |
| कर्क | अच्छा |
| सिंह | सामान्य |
| कन्या | अच्छा |
| तुला | बुरा |
| वृश्चिक | बुरा |
| धनु | अच्छा |
| मकर | अच्छा |
| कुंभ | अच्छा |
| मीन | बुरा |

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